भारत की समृद्ध धार्मिक परंपरा और भक्ति भाव को समर्पित यह संकलन प्रमुख देवी-देवताओं की चालीसा एक ही स्थान पर प्रस्तुत करता है—हनुमान, दुर्गा, शिव, विष्णु, गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती, राम, कृष्ण, शनि, और अन्य देवताओं की चालीसाएँ। प्रत्येक चालीसा में श्रद्धा, शक्ति और आध्यात्मिक प्रेरणा का संगम है, जो मन को शांति और आत्मा को बल प्रदान करता है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए विशेष है जो भक्ति-पथ पर आत्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता और मानसिक संतुलन की खोज में हैं। इसका उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक गहराइयों से जोड़ना है।
एक ही पुस्तक में प्रमुख 33 देवी-देवताओं की चालीसा।
मूल भाव बनाए रखते हुए सरल और पठनीय हिन्दी में प्रस्तुत।
भक्ति और ध्यान का साधन। दैनिक पाठ, पूजा, या उपहार देने के लिए आदर्श।
हर आयु के पाठकों को भारतीय अध्यात्म से जोड़ने वाला संग्रह।
“श्रद्धा, शक्ति और भक्ति का संगम – प्रमुख देवी-देवताओं की चालीसा”
हर चालीसा में छिपी है वह शक्ति जो मन को शांत करती है और आत्मा को जागृत करती है।
एक ही पुस्तक में सम्पूर्ण भक्ति संग्रह: हनुमान, दुर्गा, शिव, गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती, राम, कृष्ण और अन्य प्रमुख देवी-देवताओं की चालीसाएँ एक साथ।
सुगम और शुद्ध हिन्दी भाषा: भावपूर्ण भाषा में लिखी गई चालीसाएँ, जो हर उम्र के पाठकों के लिए सहज और प्रेरणादायक हैं।
दैनिक पाठ और ध्यान के लिए उपयुक्त: हर दिन के आरंभ या संध्या पूजा में आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाली।
भारतीय संस्कृति की झलक: हर पृष्ठ में झलकती है भारत की प्राचीन आस्था, परंपरा और अध्यात्म की गहराई।
हर घर के मंदिर के लिए आवश्यक ग्रंथ: भक्तिपूर्ण माहौल और दिव्यता का अनुभव कराने वाला पवित्र संग्रह।
उपहार देने योग्य भक्ति ग्रंथ: त्योहारों, विशेष अवसरों या आध्यात्मिक उपहार के रूप में आदर्श विकल्प।
अपने घर लाएं भक्ति, शक्ति और शांति का यह अमूल्य संग्रह।"